उड़ते ताबूत साबित हो रहे "मिग"

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नई दिल्ली:  गुजरात के जामनगर में शनिवार को वायु सेना का एक मिग 21 दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हालांकि इस पूरे हादसे में विमान का पायलट सुरक्षित बच गया। वहीॆ बीते मंगलवार को भी वायुसेना का एक लड़ाकू विमान मिग-27 राजस्थान के बाड़मेर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। गलीमत रही इसमें भी पायलट समय रहते विमान से निकल गया, जिससे उसकी जान बच गई। इससे पहले राजस्थान के ही बाड़मेर में बीते दिनों एक मानवरहित विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।

 मिग सीरिज के विमान अचूक मारक क्षमता वाले लड़ाकू विमान माना जाते हैं। भारतीय वायुसेना की रीढ़ माने जाने वाले मिग श्रेणी के 872 विमान चालीस साल से सेवा दे रहे हैं। वायु सेना के रिकॉर्ड के मुताबिक तकनीकी खराबी के कारण इनमें से अब तक आधे से अधिक 483 विमान क्रेश हो चुके हैं। इसमें 172 पायलट अपनी जान गंवा चुके हैं। रूस से तकनीकी लाइसेंस के आधार पर हिन्दुस्तान एयरोनोटिकल्स लिमिटेड ने मिग-27 विमानों का उत्पादन किया है। इसका लाइसेंस 2012 तक वैध था। इस अवधि तक कुल 188 विमान बनाए जाने का लक्ष्य था। भारत ने सोवियत संघ से 872 मिग-21 लड़ाकू खरीदे। इसके अलावा मिग 25, मिग 27 और मिग 29 विमान भी खरीदे
 मिग हादसों पर एक नजर
6 मई 2001 मिग 21 -पश्चिमी क्षेत्र में सेना के पूर्ण स्वराज ऑपरेशन के दौरान।
4 अप्रेल 2002 मिग 21 -जोधपुर एयरबेस के पास।
 3 मई 2002 मिग 21 -जालंधर में बैंक ऑफ राजस्थान की शाखा पर।
12 अगस्त 2003 मिग 21-जोधपुर एयरबेस के पास।
 4 फरवरी 2005 मिग 21 -बीकानेर वायु सेना क्षेत्र के नजदीक।
21 मार्च 2006 मिग 21 -बाड़मेर के उत्तरलाई वायुसेना स्टेशन के पास।
 30 अप्रेल 2009 मिग 21 -पोकरण फायरिंग रेंज में।
1 मई 2009 मिग 27-जोधपुर एयरबेस के पास।
 16 फरवरी 2010 मिग 27- पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में।
2 अगस्त 2011 मिग 21 -बीकानेर के नाल वायु सेना स्टेशन के पास।
15 जून 2013 मिग 21 -बाड़मेर जिले के सोडियार गांव के पास खेतों में।
15 जुलाई 2013` मिग 21 -बाड़मेर जिले के उत्तरलाई में।
12 फरवरी 2013 मिग 27 -बाड़मेर में नागाणा से कुछ दूर मंगला टर्मिनल के पास ।


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