राष्ट्रपति का सांसदों से अनुरोध, सदभावना से चलाएं सत्र

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आज से शुरू हो रहा है संसद का बजट सत्र। मोदी सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष। सर्वदलीय बैठक में जमीन अधिग्रहण बिल पर नहीं बनी सहमति। बजट सत्र दो हिस्सों में चलेगा। पहला हिस्सा 23 फरवरी से से 20 मार्च तक चलेगा और दूसरा हिस्सा 20 अप्रैल से रा 8 मई तक होगा। संसद के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत होगी। सत्र के दौरान 26 फरवरी को रेल बजट पेश किया जाएगा। 27 फरवरी को केंद्र सरकार आर्थिक सर्वे पेश करेगी। इसके बाद ठीक 1 दिन बाद यानि 28 फरवरी को आम बजट पेश होगा। संसद का बजट सत्र राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट सत्र के अच्छा रहने की उम्मीद जताई। अभिभाषणा के दौरान सरकार की उपलब्धियां और एजेंडे को बताते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास सरकार का मकसद है। समय के सबसे विवादित मुद्दे भूमि अधिग्रहण कानून के बारे में उन्होंने कहा कि यह किसानों के हित में है। राष्ट्रपति ने कहा कि स्मार्ट सिटी और स्वच्छ भारत पर सरकार ने काम शुरू कर दिया है। राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सरकार बजट सत्र में सकरात्मक काम की ओर कदम बढ़ाएगी। महंगाई को काबू करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा एक अहम मुद्दा है। सरकार पढ़े भारत, बढ़े भारत की योजना पर काम करेगी।राष्ट्रीय गोकुल मिशन लॉन्च किया गया। फूड प्रोसेसिंग में रोजगार की काफी संभावनाएं हैं। भूमि अधिग्रहण कानून की तारीफ करते हुए मुखर्जी ने कहा कि यह किसानों के लिए लाभकारी है। सरकार ने गांवों के विकास के लिए आदर्श ग्राम योजना शुरू की। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने स्किल बढ़ाने के लिए मंत्रालय बनाया है। हाउसिंग सेक्टर के लिए एफडीआई लाई गई। सरकार ने मिशन इंद्रधनुष लॉन्च किया। हुनर बढ़ाने के लिए पीपीपी योजना लागू की गई। बेकार पड़ चुके कानूनों के बारे में राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि सरकार बेकार कानूनों को खत्म करेगी। कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए काम किया जाएगा। महिला सुरक्षा पर कदम उठाए गए। स्कूलों में शौचालयों की होगी व्यवस्थाः राष्ट्रपति मुखर्जी ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि सभी स्कूलों में जल्द से जल्द शौचालयों की सुविधा मुहैया कराई जाए। गांव-गांव को बिजली से जोड़ने की स्कीम पर भी काम किया जाएगा। गैर पारंपरिक ऊर्जा के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। बिजली उत्पादन के लिए भी सरकार काम करेगी। खनिजों के खनन पर भी सरकार ध्यान देगी। गंगा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण है। गंगा सफाई के लिए दो हजार करोड़ रुपये का बजट है। सरकार इस पर भी काम करेगी। हाईस्पीड ट्रेन के लिए भी रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। पर्यटकों के लिए वीजा ऑन अराइवल की व्यवस्था लागू की गई। संसद के पिछले सत्र में बेतुके मुद्दों पर समय गंवा चुकी नरेंद्र मोदी सरकार इस दफा बजट सत्र में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है
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