फिर सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमत में कटौती की है। मंगलवार को पेट्रोल 2.42 रुपए और डीजल 2.25 रुपए प्रति लीटर सस्ता करने का एलान किया गया। नई दरें मंगलवार रात 12 बजे से लागू होंगी। केंद्र सरकार के इस फैसले को दिल्ली विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। पेट्रोल अगस्त से लगातार दसवीं और डीजल अक्टूबर से लगातार 6वीं बार सस्ता हुआ है। आखिरी बार 16 जनवरी को पेट्रोल में 2.42 रुपए और डीजल में 2.25 रुपए प्रति लीटर की कटौती की गई थी। बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों के कारण यह कटौती की गई है। कटौती के बाद अब नई दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 56.49 रु. प्रति लीटर और डीजल की नई कीमत 46.01 डीजल रु. प्रति लीटर हो जाएगी। पेट्रोल की दिल्ली में दर 49 महीने यानी 4 साल पहले के स्तर से भी नीचे आ गई है। 16 जनवरी 2011 को दिल्ली में पेट्रोल 58.37 रुपए प्रति लीटर था। वहीं, डीजल अब 24 महीने पुराने स्तर से नीचे है। 16 फरवरी 2013 को दिल्ली में डीजल 48.16 रुपए प्रति लीटर था। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी के ये हैं कारण
 लगातार सस्ता होता कच्चा तेल
कच्चे तेल की कीमत में लगातार कमी के कारण पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम होने की उम्मीद की जा रही थी। चीन, यूरोप, जापान में विकास की धीमी रफ्तार से कच्चे तेल की मांग घटी है। जबकि आपूर्ति बढ़ी है। विशेषज्ञ कच्चे तेल के और कम होने का अंदाजा लगा रहे हैं। यानी आने वाले महीनों में और कटौती हो सकती है।
 भारत का आयात बिल घटा
भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी कच्चा तेल आयात करता है। कच्चे तेल की कीमतों में आ रही कमी के कारण भारत के आयात बिल पर 9 से 10 डॉलर प्रति बैरल की बचत हो रही थी।  
अमेरिका में शेल ऑइल का उत्पादन बढ़ा
अमेरिका में पिछले 6 महीने में शेल ऑइल का घरेलू उत्पादन बढ़कर दोगुना हो गया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मांग कम हो रही है और कीमतें गिर रही हैं। तेल उत्पादन करने वाले देशों का भी कहना है कि अगर कच्चा तेल 40 डॉलर प्रति बैरल तक आ जाए, तब भी वे कमाई पर घाटा उठाने को राजी हैं। वजह साफ है कि तेल उत्पादन करने वाले खाड़ी के देश तेल के खेल में अमेरिका की बढ़त रोकना चाहते हैं।
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