सिंघवी सेक्स वीडियो से 500 करोड़ का घाटा - सीएजी

पिछले पूरे सप्ताह एक सेक्स कांड को लेकर बहस चलती रही। अंदेशा है कि इससे देश को 500 करोड़ रुपए से भी ज्यादा का नुकसान हुआ है। सीएजी के मुताबिक देश इससे देश की उत्पादक्ता प्रभावित हुई है। अंदेशा है कि लोगों ने गूगल में वीडियो ढ़ूंढने और उसे देखने की कोशिश करने में देश के लाखों कीमती घंटे बर्बाद कर दिए। ये वही वीडियो है जिसमें छेड़छाड़ करके कथित तौर पर कांग्रेस के नेता अभिषेक मनु सिंघवी के होने की बात कही जा रही है।

इंटरनेट पर इस पोर्न वीडियो को खोजने वालों में से ज्यादातर को निराशा ही हाथ लगी। अगर किसी के हाथ वीडियो लग भी गया तो उसके कुछ समझ नहीं आया कि हो क्या रहा है। सीएजी के मुताबिक इन लोगों ने इस दौरान कल्पना शक्ति के गधे घोड़े भी खूब दौड़ाए। गौरतलब है कि ये वो कल्पना शक्ति है जिसका इस्तेमाल करके देश की जीडीपी ग्रोथ यानि उत्पादक्ता को बढ़ाया जा सकता था।

सीएजी के एक अधिकारी के मुताबिक "इससे किसी को कुछ हासिल नहीं हुआ। जो मिला वो वीडियो ढूंढने में बर्बाद किए गए समय के आगे कचरा है।" इस अधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि "वीडियो की गुणवत्ता की जांच से पता चला है कि ये बेहद ही घटिया दर्जे का चलताऊ काम है। लगता है कि इसे बहुत जल्दबाजी में बस किसी तरह निपटा दिया गया है। सीडी की प्रोडक्शन क्वालिटी और फिल्म में काम करने वाले कलाकार हद दर्जे के घटिया हैं।"

दो व्यस्कों द्वारा इस तरह सेक्स या कास्टिंग काउच पद्धति को देश भर में नियुक्ति प्रक्रिया के रूप में लागू किेए जाने के सवाल पर सीएजी ने कोई प्रतिक्रिया देने से ही इनकार कर दिया। इस पर सीएजी ने कहा "नियुक्ति की पद्धति तय करना हमारा काम नहीं है। सीएजी का काम तो लेखा जोखा रखना और उसकी रिपोर्ट देना है।"

वित्तीय वर्ष शुरू हुए चंद महीना भी नहीं बीते हैं कि सैंकड़ों करोड़ का घाटा देश को एक ही सेक्स वीडियो के कारण उठाना पड़ा है। हांलाकि इस कांड से एक बात तो साफ हो गई है कि अगर सरकारी नौकरियों में भर्ती के लिए यही पद्धति अपनाई जाए तो इससे देश के हजारों करोड़ रुपए बचाए भी जा सकते हैं। अब देखने वाली बात ये होगी कि क्या सरकार इसे लागू करके इस घाटे की भरपाई करती है।

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