2012 में हो जाएगा दुनिया का अंत!

सितंबर का महीना सितम का संकेत दे रहा है... महज एक महीने में धरती एक दो नहीं पूरे 15 बार थर्रा उठी... रविवार की शाम भी जोरदार भूकंप आया... लगा जैसे सबकुछ तबाह हो जाएगा। हर चीज हिल चकी थी। भूकंप का केंद्र पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम और नेपाल की सीमा पर था। भूकंप से पड़ोसी देश नेपाल में भी कई लोगों की मौत की खबर है। भूकंप की तीव्रता 6.9 आंकी गई है। इससे पहले भी---- तारीख को जोरदार भूकंप आया था... जिसका केंद्र.. था... धरती पर मुसीबतों की बरसात हो रही है। एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। जापान में आई सुनामी.... पाकिस्तान में भयानक बारिश और बाढ़..... चीन में भूस्खलन का सिलसिला...... पेरु में कड़कती ठंडक..... मौसम का मिजाज बिगड़ता जा रहा है।
2012 में होगा दुनिया का अंत!
कहीं रेगिस्तान में बर्फ गिरने लगती है... गिलेशियर लगातार पिछल रहे हैं तो कहीं मौसम का पारा आसमान छूने लगता है.... मिस्र का पुरातन कलैंडर 2012 में प्रलय की तरफ इशारा करता है... अब भले ही इसे दर्शकों को थीयेटर तक लाने और फिल्म हिट कराने का हॉलीवुड का अचूक फॉर्मूला माना जाता हो...लेकिन सिलसिलेवार तरीके से हो रही प्राकृतिक आपदाएं बार बार इस तरफ सोचने को मजबूर जरूर करती हैं। इस सवाल पर वैज्ञानिकों के बीच मतभेद है.....और इसका जवाब भविष्य के गर्भ में छिपा है।
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