फिर लौट आया राम राज्य !

आसमान छूती इमारते ,साफ़ सुथरी सड़कें और बिजली से जगमगाता शहर दिल्ली....! सड़क पर दौड़ती महँगी गाडियाँ जैसे अमेरिका की शोहरत भारत में आ गई हो...। एसी कमरों में आराम से बैठने वाले लोगों ने अमीर भारत का लेखा-जोखा पेश किया है.... ..! योजना आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे में तिलिस्मी आंकड़े पेश किए हैं। सरकार की मंशा साफ है... महज 32 रुपए से ज्यादा की रोजाना कमाई करने वाले अब सरकारी सब्सिडी से महरूम हो जाएंगे...। हलफनामे में बताया गया है कि बाजार मे अब भी दो-तीन रुपए में खाने-पीने की चीजें मिलती हैं...लेकिन आंकड़ों की क्या हकीकत है ...ये किसानों की खुदखुशी की खबरें चीख चीख के बयां कर रही हैं.. जहां भूख से होने वाली मौतें हैं.. जहां प्रसव के दौरान अस्पताल
ये किसानों की खुदखुशी की खबरें चीख चीख के बयां कर रही हैं.. जहां भूख से होने वाली मौतें हैं.. प्रसव के दौरान दम तोड़ती महिलाओं की चीखें हैं। ऐसे देश में 32 रुपए से ज्यादा कमाने वाले वाकई अमीर ही तो हैं
जाने से महरूम महिलाओं की चीखें हैं ..। ..ऐसे देश में 32 रुपए से ज्यादा कमाने वाले सच में अमीर ही तो हैं.... सूखे से आत्महत्या करने वाले किसानों के देश में सरकार ने 32 रुपए में अमीरी का जादुई फंडा सामने रखा है। इन आंकड़ों के बाद अमीरी और गरीबी के बीच की दूरी तो लगभग खत्म हो गई है...बहरहाल इन आंकड़ों ने ये जाहिर कर दिया है कि मौजूदा सरकार आम जनता के लिए कितनी संवेदनशील है...सरकारी आंकड़ों के इतिहास में ये आंकड़ा अपनी असंवेदनशीलता के लिए हमेशा याद रखा जाएगा...
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