2जी महाघोटाले पर सोनिया से मिले प्रणब मुखर्जी

2जी स्पेक्ट्रम घोटाले से जुड़े वित्त मंत्रालय के नोट को लेकर उठे विवाद को सुलझाने के लिए उच्च स्तर पर चल रही कोशिशों के बीच वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की।

मुखर्जी ने सोनिया के निवास 10 जनपथ पर उन्हें इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। वह कांग्रेस अध्यक्ष और प्रधानमंत्री मनमोहन को एक पत्र लिखकर पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सूचना के अधिकार के जरिए सामने आया नोट अकेले वित्त मंत्रालय ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न मंत्रालयों की ओर से तैयार किया गया था।

प्रणब की पिछले चार दिन में सोनिया गांधी से यह दूसरी मुलाकात है। इस बैठक के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल भी मौजूद थे। सोनिया ने इस मसले पर रक्षामंत्री एके एंटनी से भी विचार विमर्श किया।
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वित्त मंत्रालय के नोट को लेकर सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों के बीच तनातनी को दूर करने के लिए कांग्रेस और सरकार में माथापच्ची का दौर पिछले कई दिनो से जारी है। मुखर्जी के साथ बुधवार देर रात प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री वी नारायणसामी, संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल और संसदीय कार्य राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने बातचीत की थी।

विपक्ष वित्त मंत्रालय के नोट को लेकर सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों के बीच मनमुटाव को भुनाने में लगा है। इसे देखते हुए सरकार और पार्टी में यह कोशिश चल रही है कि मुखर्जी और चिदंबरम संयुक्त संवाददाता सम्मेलन करें जिससे लोगों में यह संदेश जाए कि सरकार में पूरी एकजुटता है।

विवाद का विषय बना नोट गत 25 मार्च को वित्त मंत्रालय के उप निदेशक पीजीसी राव ने प्रधानमंत्री कार्यालय की संयुक्त सचिव विनी महाजन को भेजा था, जिसमें कहा गया था कि तत्कालीन वित्त मंत्री के रुप में चिदम्बरम यदि चाहते तो 2जी घोटाला रोका जा सकता था। नोट के अनुसार चिदम्बरम के पास पर्याप्त समय था कि वह कौड़ियों के भाव स्पेक्ट्रम आवंटन का काम रोक सकें। इस नोट को जनता पार्टी अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी ने अन्य दस्तावेजों के साथ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया है तथा विपक्षी दलों ने इसी आधार पर चिदम्बरम के इस्तीफे या बर्खास्तगी की मांग की है।

समझा जाता है कि मुखर्जी ने अपने पत्र में कहा है कि शुरुआत में वित्त मंत्रालय ने इस प्रकरण पर 12 पैराग्राफ का एक पत्र कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद तैयार किया था। कैबिनेट सचिव ने वित्त मंत्रालय के उक्त पत्र में 14 और पैराग्राफ जोड़कर इसे वापस भेजा था।

उन्होंने कहा कि 2जी विवाद पर सरकार के मंत्रालयों के दस अलग-अलग ब्योरे थे तथा वित्त मंत्रालय एक ही व्यापक और समन्वित नोट तैयार करना चाहता था। बाद में ऐसा नोट राव ने तैयार किया था जिस पर लिखा था कि मुखर्जी ने इसे देखा है।

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