खंडूरी के हाथों होगी उत्तारखंड की कमान

रमेश पोखरियाल निशंक के हाथ से उत्तराखंड की सत्ता जाती रही। निशंक ने बीजेपी आलाकमान को दिल्ली में अपना इस्तीफा सौंप दिया।

बीजेपी हाईकमान ने रमेश पोखरियाल निशंक की छुट्टी कर दी और एक बार फिर राज्य की कमान बी सी खंडूरी के हाथों में होगी। बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने शाम को इसका ऐलान किया। राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए ये फेरबदल किए गए हैं। दरअसल निशंक की लोकप्रियता गिरती जा रही थी जिसकी वजह से पार्टी को ये फैसला लेना पड़ा।

नितिन गडकरी ने साफ कर दिया कि निशंक पर कोई आरोप नहीं हैं। उन्हें पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी। गडकरी ने बताया कि नए नेता का औपचारिक चुनाव रविवार को पार्टी के विधायक करेंगे।

गौरतलब है कि निशंक को सीएम पद से हटाए जाने की चर्चा पिछले कई दिनों से चल रही थी। सीएम पद की दौड़ में खंडूरी के अलावा प्रकाश पंत और त्रिवेंद्र सिंह रावत भी बताए जा रहे थे। शनिवार रात को गडकरी के निवास पर हुई बैठक में खंडूरी के नाम पर अंतिम मुहर लगाई गई।

निशंक को हटाने और उनका विकल्प खोजने के इरादे से गुरुवार को बीजेपी की संसदीय बोर्ड की मीटिंग भी हुई थी। हालांकि उस दिन कोई फैसला नहीं हो सका था। इस दौरान निशंक ने दिल्ली बीजेपी आलाकमान से मुलाकात कर खुद इस्तीफे की पेशकश कर डाली थी। उत्तराखंड में निशंक का काम पार्टी को नहीं भाया और भ्रष्टाचार के कई मामले राज्य में बीजेपी की छवि भी खराब कर रहे हैं इसलिए पार्टी ने निशंक को हटाने का फैसला किया।

लोकसभा चुनाव में हार ने ली थी खंडूरी की कुर्सी
खंडूरी सवा दो साल बाद एक बार फिर मुख्यमंत्री की कमान संभालेंगे। लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड में बीजेपी की हार के बाद खंडूरी को इस्तीफा देना पड़ा था। उत्तराखंड की सभी लोकसभा सीटों पर हार की जवाबदेही खंडूरी पर डाल दी गई थी। यही नहीं तब पार्टी के अंदर भी उनके खिलाफ बगावत हो गई थी। राज्य के 8 विधायकों ने खंडूरी को हटाने के लिए इस्तीफा दे डाला था। खंडूरी के इस्तीफे के बाद रमेश पोखरियाल निशंक को सीएम बनाया गया। निशंक के कार्यकाल में बीजेपी सरकार करप्शन के कई मामलों में फंसी। निशंक की घटती लोकप्रियता के कारण चुनावों से ऐन पहले पार्टी को एक बार फिर साफ छवि के खंडूरी को याद करना पड़ा।
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