बीजेपी ने धो ड़ाला कलंक

बीजेपी ने अपने माथे पर लगा निशंक का कलंक धो ड़ाला। राजनाथ और निशंक की दोस्ती पर कोशियारी और खंडूरी भारी पड़ गए और बीजेपी ने निशंक का पत्ता काटकर अपनी नाक बचाने की कोशिश की। सूबे की बागडोर एक बार फिर खंडूड़ी के हाथ आ गई। दोपहर बाद भुवन चंद्र खंडूड़ी दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ लें लेगें।

निशंक को पहले ही पार्टी का फैसला बता दिया गया और इस्तीफा देने को कहा गया। निशंक ने संसदीय दल के सामने अपने पक्ष में कई दलीलें रखीं लेकिन कोई उनकी कुर्सी नहीं बचा सकी। उत्तराखंड बीजेपी में निशंक के हटने का जैसे इंतजार हो रहा था, इधर निशंक के इस्तीफे की खबर आई उधर राजधानी देहरादून में आतिशबाजी का दौर शुरू हो गया जो देर रात तक चलता रहा।

रविवार को भुवन चंद्र खंडूड़ी दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे उधर निशंक राज्यपाल माग्रेट अल्वा को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी, नेता विपक्ष नेता सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, धर्मेंद्र प्रधान, थावर चंद गहलौत, राजनाथ सिंह और अनंत कुमार की मौजूदगी में निशंक से इस्तीफा मांग लिया गया।

निशंक के इस्तीफा से ज्यादा मुश्किल बीजेपी के लिए खंडूड़ी को दोबारा मुख्मंत्री बनाना था। निशंक ने तो खंडूरी का विरोध किया ही कई केन्द्रीय नेता भी इससे सहमत नहीं दिखे। सूत्रों के मुताबिक निशंक ने एक सीड़ी के माध्यम से अपनी सरकार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की जानकारी भी नेताओं को दी इसमें सरकार के खिलाफ खंडूड़ी के अभियान का भी उल्लेख था। हालांकि पार्टी नेतृत्व पर निशंक की दलीलों का ज्यादा असर नहीं पड़ा।

खंडूरी के नाम पर निशंक को राजी करने के लिए राजनाथ सिंह और अनंत कुमार को लगाया गया। दोनों ने आधा घंटे तक निशंक को समझाबुझाकर किसी तरह तैयार कर लिया। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने निशंक के इस्तीफे व खंडूड़ी के नए मुख्यमंत्री होने की घोषणा की। सूत्रों के अनुसार राज्य में चुनाव संचालन की कमान पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी को सौंपी जा सकती है। हालांकि कोश्यारी कोई जिम्मेदारी लेने के इच्छुक नहीं है। पार्टी महासचिव रविशंकर प्रसाद विधायक दल की बैठक में बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे। सोमवार से शुरू हो रहे पितृ पक्ष के चलते रविवार को ही नए मुख्यमंत्री की शपथ हो जाएगी।
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