हाईकोर्ट ब्लास्ट में मांगी अमेरिका से मदद

दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए बम धमाके के तार किसी बड़ी साजिश से जुड़े हैं। धमाके के चार दिन बाद राष्ट्री य जांच एजेंसी यानि एनआईए के हाथ लगे सुराग इसीकी ओर इशारा कर रहे हैं। धमाके में लश्क र-ए-तैयबा का हाथ होने का संकेत है। भारत ने जांच के सिलसिले में अमेरिका से मदद मांगी है। भारत ने अमेरिका से कहा है कि अगर धमाके से जुड़ी बातचीत या सिग्नकल की कोई जानकारी है तो वो मुहैया कराए।

इधर, एनआईए को धमाके के लिए सेलफोन के इस्ते माल करने के भी सुराग मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि जांचकर्ताओं को अब लग रहा है कि धमाके के लिए अमोनियम नाइट्रेट नहीं, बल्कि आरडीएक्सा या पीईटीएन का इस्तेकमाल किया गया हो सकता है।

यह सुराग अब तक की जांच को एक नई दिशा दे रहा है। सेलफोन से धमाका करने का तरीका बीते दिनों में लश्क्र-ए-तैयबा के आतंकी आजमाते रहे हैं। कुछ साल पहले उत्तिर कश्मीरर के बारामूला में इस तरह पहली बार धमाका किया गया था। भारतीय सेना के काफिले को निशाना बना कर वह धमाका किया गया था।

दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर हुए धमाके की जिम्मेतदारी हूजी और इंडियन मुजाहिदीन ने ईमेल भेज कर ली है। इस मामले में चार ईमेल आ चुके हैं। इनकी जांच चल रही है, लेकिन अभी तक इनकी सच्चाइई का पता नहीं चल पाया है। इस सिलसिले में जो गिरफ्तारियां हुई हैं, उनसे भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।

धमाके की जांच का दायरा पूरे देश में बढ़ा दिया गया है। शुरू में जब धमाके की जांच एनआईए को सौंपी गई थी तो उस वक्तर जांच टीम में 20 सदस्यज थे जिन्हें बढ़ाकर 200 कर दिया गया है। हर दिन राज्योंउ में टीमें जुड़ रही हैं। टीमों को 25 समूहों और उप समूहों में बांटा गया है। गृह मंत्रालय में एक कमांड एंड कंट्रोल रुम स्था पित किया गया है जो 24 घंटे काम कर रहा है। इसी तरह का कंट्रोल रुम सीजीओ कॉम्लेो क्स में भी तैयार किया जा रहा है जहां कई एजेंसियों के दफ्तर हैं।

तकनीकी मदद के लिए निजी विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है और राज्यों से जांच में सहयोग को कहा गया है। दिल्लीी पुलिस ने राजधानी के होटल और गेस्ट‍हाउस मालिकों से ब्ला स्टद से सात दिन पहले और इसके बाद तक की सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग मांगे हैं। ताकि इन जगहों के आसपास के सीसीटीवी फुटेज से इनका मिलान किया जा सके।
Tags: , , , ,

0 comments

Leave a Reply