सरकारी सम्पत्ति की तैयार की जायगी सूची

एक लम्बे इंतेजार के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य योजना पार्षद की बैठक में यह तय किया गया कि राज्य सरकार की सभी परिसंपत्तियों को सूचीबद्ध किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश दिया कि पटना शहरी क्षेत्र में बसे पहले परिसंपत्तियों को रजिस्ट्रर करने की योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जाये।मुख्यमंत्री ने बैठक के आरंभ में हा कि योजना पार्षद को और अधिक सशक्त किया जायेगा। इसके लिए एएन सिन्हा इंस्टीच्यूट को विशेषज्ञ संस्था के रूप में जना पार्षद के साथ विकसित किया जायेगा। बैठक में यह बात भी बतायी गयी कि राज्य योजना पार्षद के गठन का क्या उद्देश्य है और फिर इसके क्या-क्या दायित्व हैं। राज्य योजना पार्षद के खाली पदों पर बहाली पर भी विमर्श हुआ। जिला आधारित योजना बनाने और उसके विस्तारित स्वरूप पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंकड़ों के प्रबंधन और आकलन की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। गृह निर्माण के लिए वैकल्पिक सामग्री व तकनीक पर विचार करने के लिए योजना पार्षद द्वारा कार्यशाला एवं प्रदर्शनी आयोजित किए जाने का भी उन्होंने परामर्श दिया।बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि वे अपने गांव जाकर अपनी व मकान परिसर में एक वृक्ष जरूर लगायें। इसका लोगों के बीच अच्छा संदेश जायेगा। पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरुकता आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में राज्य में हरियाली का क्षेत्र कम से कम पंद्रह प्रतिशत तक किया जायेगा। बैठक में मौजूद मुख्य सचिव को उन्होंने कहा कि जो योजनाएं चलती हैं उसका मूल्यांकन भी होना चाहिए। विभागों को कुछ मंत्रियों को भी योजना पर्षद के आमंत्रित सदस्य के रूप में मनोनीत किए जाने की व्यवस्था होना चाहिए। योजना पर्षद के दायित्वों व उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अधिकारियों की छोटी-छोटी उप समितियां बनाकर उनके सुझाव लिए जायें। उनसे प्राप्त सुझावों को समेकित कर उन पर विचार करते हुए उन्हें क्रियान्वित किए जाने की योजना बनायी जाये।बैठक में राज्य योजना पर्षद के उपाध्यक्ष हरि किशोर सिंह, मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी, विकास आयुक्त के सी साहा, कृषि उत्पादन आयुक्त एके सिन्हा, वित्त विभाग के प्रधान सचिव रामेश्वर सिंह, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार, वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव शुभकीर्ति मजूमदार, गृह सचिव अमीर सुभानी, कल्याण विभाग के सचिव रवि परमार तथा योजना एवं विकास विभाग के प्रधान सचिव विजय प्रकाश भी मौजूद थे
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