द्रविड की होगी शानदार विदाई?



यह पहला और आखिरी मौका होगा जब द्रविड़ वेल्स की राजधानी में भारत की नुमाइंदगी करेंगे। धोनी ने अपने करियर दौरान इंटरनैशनल क्रिकेट से संन्यास लेने वाले सीनियर क्रिकेटरों के सम्मान में हमेशा कुछ न कुछ किया है। भारत के अप्रैल में वर्ल्ड कप जीतने के बाद धोनी और उनकी टीम ने सचिन तेंडुलकर को अपने कंधे पर उठाकर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ' विक्ट्री लैप ' लगाया था। लेकिन जहां तक द्रविड़ का सवाल है तो यह विडंबना ही है कि 2007 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज के दौरान धोनी ने ही उन्हें वनडे टीम से बाहर करवाने में अहम भूमिका निभाई थी। द्रविड़ ने इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम में वापसी करने के तुरंत बाद ही वनडे क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी। वैसे भारत के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सीनियर क्रिकेटरों को यादगार विदाई देने के लिए जाने जाते हैं। अब देखना यह होगा कि उन्होंने राहुल द्रविड़ के लिए क्या योजना बनाई है। द्रविड़ यहां शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पांचवें और अंतिम मैच के साथ अपने वनडे क्रिकेट करियर का समापन करेंगे। इससे पहले धोनी ने 2008 में पूर्व कप्तानों सौरभ गांगुली और अनिल कुंबले को यादगार विदाई दी थी। कुंबले के उत्तराधिकारी चुने गए धोनी ने अपने इस कप्तान को उनके अंतिम टेस्ट के बाद अपने कंधे पर उठा लिया था। उन्होंने इसके बाद तय किया कि भारत का सबसे कामयाब बोलर सीरीज 2-0 से जीतने के बाद ट्रॉफी उठाने के लिए पोडियम पर मौजूद रहे। नागपुर में गांगुली के अंतिम टेस्ट के दौरान उन्होंने अपने इस पूर्व कप्तान को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुछ देर के लिए टीम की कमान संभालने का मौका दिया था।
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