नीतीश कुमार फिर शुरु करेंगें ब्लॉगिंग

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब एक बार फिर से अपने ब्लॉग को शुरु कर रहे हैं बहुत दिनों से अपने ब्लॉग पर कुछ ना लिखने से उन्हें लग रहा था कि लोग अपनी बात उन तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं और उनके ब्लाग पर अक्सर महत्वपूर्ण मसलों पर टिप्पणियां आती रहीं हैं। दरअसल, कुछ दिनों में नीतीश कुमार 'बिहार विशेष न्यायालय विधेयक 2009' के तहत भ्रष्ट लोकसेवकों की संपत्ति जब्ती के मसले पर स्वाभाविक दबाव में थे। यह दबाव जनता से किये वायदे का था। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने घूम-घूमकर लोगों से कहा था कि 'हम भ्रष्ट अफसरों की संपत्ति जब्त कर उसमें स्कूल खोलेंगे।' वे अपने इस सपने को साकार करने की कोशिश में लगातार लगे रहे। अब यह पूरा हो चुका है नये सिरे से शुरू होने वाली उनकी संभावित ब्लागिंग इसी पर आधारित हो सकती है।भाजपा के वरीय नेता व विधान पार्षद संजय झा भी कहते हैं कि जनता से किया गया वायदा और इससे जुड़े जन-अरमान का बोझ बड़ा भारी होता है। खासकर नैतिक लोगों के खातिर यह बड़ी चुनौती है। कमोबेश इन्हीं कारणों से ब्लागिंग बंद थी। संपत्ति जब्ती के कानून को साकार करना बड़ी हिम्मत की बात है। उनके अनुसार इससे भ्रष्टाचारियों में असरदार खौफ पैदा होगा। यह दूसरों को भी गड़बड़ी करने से रोकेगा। लोगों में यह धारणा पैदा होगी कि ऐसी कमाई से क्या फायदा, जो अपनी रहे ही नहीं!उन्होंने कहा कि चाहे एमएलए फंड की समाप्ति हो, लोकसेवा का अधिकार कानून लागू करना, संपत्तियों की सार्वजनिक घोषणा या फिर लोकायुक्त के दायरे में मुख्यमंत्री को लाने की बात .., बिहार भ्रष्टाचार शमन के मोर्चे पर देश को लगातार रास्ता दिखा रहा है।
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