ABVP का पल्ला भारी, प्रेसिडेंट NSUI का

डूसू चुनाव में एक बार फिर एबीवीपी का ही पल्ला भारी रहा। लगातार दूसरे साल ABVP के हाथ चार में से तीन सीटें लगी लेकिन प्रेजिडेंट का पद उसके हाथ से जाता रहा। इस बार एबीवीपी के पक्ष में कैंपस में जोरदार लहर थी और इसका फायदा भी उसे मिला, मगर यह कहना गलत न होगा कि इसका संगठन पूरा फायदा नहीं उठा पाया।

एनएसयूआई को पिछले साल जॉइंट सेक्रेटरी की पोस्ट मिली थी और इस बार उसने प्रेजिडेंट पर जीत हासिल की है। खास बात यह है कि इस बार किसी भी पोस्ट पर कड़ा मुकाबला देखने को नहीं मिला और हर पोस्ट पर जीत का अंतर दो हजार से ज्यादा ही रहा।
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