इंग्लैंड ने गणित से रोका सचिन का बल्ला

इंग्लैंड मौजूदा टेस्ट सीरीज में सचिन तेंडुलकर का बल्ला खामोश करने में सफल रहा। यहां एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गणित की गणना और आधुनिक तकनीक के दम पर यह काम किया गया है।

इंग्लैंड ने तेंडुलकर के लिए उनकी पारी के शुरू में ही ऑफ स्टंप के बाहर बोलिंग करने और उसी हिसाब से फील्डिंग सजाने की योजना बनाई थी। टीम के एनालिस्ट नाथन लीमन ने एक ब्रिटिश अखबार से कहा, 'हमने पिचों और उन 22 खिलाड़ियों के लिए नमूना योजना तैयार की थी, जो खेल सकते थे। इसमें कई बार मैच खेला जाता है और उससे हमें संभावित नतीजों के बारे में पता चलता रहता है।'

इंग्लैंड का मानना था कि तेंडुलकर शुरू में अपने अधिकतर रन ऑन साइड में बनाते हैं। लिहाजा उन्होंने उनके लिए ऐसी योजना बनाई, जिससे वह ऑन साइड में रन नहीं बना पाएं। तेंडुलकर को एजबस्टन टेस्ट तक इंग्लैंड के पेसरों ने जो 261 बॉल की थी, उनमें से 254 ऑफ स्टंप से बाहर की गईं। छह गेंदें स्टंप की लाइन में थीं, जबकि केवल एक बॉल लेग स्टंप से बाहर की गई।

लीमन, जिन्हें इंग्लैंड के खिलाड़ी 'नंबर्स' भी कहते हैं, ने अपने सॉफ्टवेयर में पिच के टारगेट एरिया को 20 ब्लॉक में तोड़ा, जिनमें से प्रत्येक ब्लॉक 100 गुणा 15 सेमी का था। इससे बोलरों को किसी खास बैट्समैन के लिए यह पता लगाने में मदद मिली कि उसे किस जगह बॉल करनी है।

दुनिया में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले तेंडुलकर को अपनी 100वीं इंटरनैशनल सेंचुरी का इंतजार है। मौजूदा सीरीज की सात पारियों में वह 34, 12, 16, 56, 1, 40 और 23 रन ही बना पाए। इस तरह उन्होंने सीरीज में 26.00 की औसत से 182 रन बनाए हैं।

भारतीय टीम के सूत्रों के अनुसार तेंडुलकर ने भी इंग्लैंड की रणनीति से निपटने पर काम किया था। उन्होंने एजबस्टन में दूसरी पारी में मिडल और लेग स्टंप का गार्ड लिया था और क्रीज से बाहर खड़े रहे। इससे उनके ऑफ स्टंप और ऑफ साइड के अधिकतर स्ट्रोक कवर पर खड़े फील्डर की दाईं तरफ से गए। इंग्लैंड ने तब नई रणनीति अपनाई और विकेटकीपर मैट प्रायर उन्हें वापस क्रीज पर लाने के लिए विकेट से चिपककर खड़े रहने लगे।

कोई बड़ी वैज्ञानिक खोज नहीं : गावसकर
इंग्लैंड भले ही दावा कर रहा हो कि उसने यह पता लगा लिया है कि सचिन तेंडुलकर शुरू में ऑन साइड की तरफ रन बनाना पसंद करते हैं। लेकिन पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावसकर इसे बड़ी वैज्ञानिक खोज नहीं मानते। गावस्कर ने कहा , ' हरेक बैट्समैन की अपनी शैली होती है। यदि आप ऊपरी हाथ पर ज्यादा जोर लगाते हैं , जैसे कि सौरभ गांगुली की ग्रिप थी , तो फिर आप ऑन साइड की तुलना में ऑफ साइड पर अधिक रन बनाओगे। तेंडुलकर की राउंड ग्रिप है। इससे उन्हें ऑन साइड पर अपने आप ही फायदा मिलता है। ऐसे में यह कोई बड़ी वैज्ञानिक खोज नहीं है ।

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