तो क्या दिल्ली पुलिस इस कदर रिश्वत खोर है!

अन्ना हजारे के आंदोलन के बाद देश में हर तरफ भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम छिड़ी हुई है. इसी बीच, एक आंकड़ा सामने आया जो दिल्ली पुलिस की खाकी को दागदार कर रहा है. सिर्फ पांच महीने दिल्ली पुलिस में भ्रष्टाचार के चौबीस गंभीर मामले सामने आए हैं. ये खुलासा किया है गृह राज्यमंत्री मल्लापल्ली रामचंद्रन ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में.

करप्शन के खिलाफ अन्ना के आंदोलन का सच

दिल्ली पुलिस को लेकर जो सच ढंका-छिपा था, अब दस्तावेज की शक्ल में उजागर हो गया है. इस साल अप्रैल से अगस्त तक दिल्ली पुलिस के 47 मुलाजिमों पर लगा है भ्रष्टाचार में शामिल होने का गंभीर इल्ज़ाम.

क्या है भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई

लोकसभा में एक प्रश्न के जवाब में गृह राज्य मंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने बताया कि 47 पुलिस कर्मियों में 25 कांस्टेबल, 9 हेड कांस्टेबल, 7 एएसआई, 6 एसआई और 1 इंस्पेक्टर रैंक का अधिकारी शामिल है, चौंकाने वाली बात तो ये है कि करीब 1800 पुलिस कर्मियों के खिलाफ काम में लापरवाही बरतने का मामला भी शामिल है.

हैरानी की बात है कि ये आंकड़ा 24 मामलों का है और इसका आकलन 5 महीनों में ही किया गया है. ऐसे में अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि ये आंकड़ा कहीं एक साल या उससे ऊपर होता तो यकीनन इसकी संख्या खासी बड़ी हो सकती थी.
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