प्रस्तावित सुधारों के विरोध और वेतन संबंधी मांगों को लेकर बैंकों में हड़ताल

मुंबई.बैंकिंग क्षेत्र में प्रस्तावित सुधारों के विरोध और वेतन संबंधी मांगों को लेकर सभी बैंकों के 10 लाख से अधिक कर्मचारी-अधिकारी शुक्रवार को एक दिनी हड़ताल पर रहेंगे। इससे देशभर बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

ऑल इंडिया बैंक एसोसिएशन के महासचिव विश्वास उतगी ने गुरुवार को बताया कि इस हड़ताल से शुक्रवार को बैंकों के क्लियरिंग हाउस, विदेशी मुद्रा, कॉल मनी मार्केट आदि जैसे महत्वपूर्ण विभागों में काम नहीं होगा। वहीं,रिजर्व बैंक के कार्यालय भी बंद रहेंगे।

इस हड़ताल में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सभी बैंकों अलावा विदेशी, सहकारी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के कर्मचारी-अधिकारी शामिल होंगे। उतगी ने कहा कि बैंक कर्मियों उनका मुद्दा संसद के इस सत्र में उठने की उम्मीद है। बैंक कर्मियों और बैंक प्रबंधन के बीच सहमति को लेकर जारी बातचीत बुधवार को विफल हो गई थी।


यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (यूएफबीयू) और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही थी। यूएफबीयू, बैंकों की पांच कर्मचारी यूनियनों और चार अधिकारी यूनियनों का शीर्ष संगठन है।

क्या हैं मुद्दे:

- बैंकों के निजीकरण और इनके कामकाज की आउटसोर्सिग का विरोध

- खंडेलवाल समिति की सिफारिशों का विरोध

- पेंशन और अधिकारियों के कामकाजी घंटों से संबंधित मुद्दे

वर्जन:

‘यह हड़ताल दिनभर की है। पूर्णकालिक बैंक कर्मियों की भर्ती और अनुकंपा नियुक्ति योजना जल्द लागू हो, यह हमारी मांगों में शामिल हैं।
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