सुप्रीम कोर्ट की सरकार को चेतावनी


सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को चेतावनी दी है कि उसे अन्‍ना हजारे के हालिया आंदोलन जैसे और आंदोलनों का सामना करना पड़ेगा। एक मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस एचएल दत्‍तू की पीठ ने इशारों ही इशारों में उन सांसदों को निशाने पर लिया, जिन्‍होंने कुछ दिन पहले न्‍यायिक नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।
पीठ ने टिप्‍पणी की, 'हमने कुछ ज्ञानी पुरुषों को यह विचार व्‍यक्‍त करते हुए सुना कि न्‍यायपालिका का स्‍तर गिर गया है। ऐसे लोगों को छत पर खड़े होकर चिल्‍लाने दीजिए कि न्‍यायपालिका का स्‍तर गिर गया है।'
जजों ने सरकार पर यह कहते हुए निशाना साधा कि जन लोकपाल के लिए अन्‍ना हजारे के आंदोलन के दौरान जैसा हुआ, उसी तरह 'जनता उसे सबक सिखाएगी'। दरअसल, पीठ ने एक तरह से सरकार को आगाह किया कि उसे इस तरह के और आंदोलनों का सामना करना पड़ सकता है और स्थिति बदतर हो सकती है।
पीठ ने यह टिप्‍पणी केंद्र सरकार की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान की। याचिका गौहाटी हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने विभिन्‍न सरकार कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन ढांचे का फायदा देने का आदेश दिया है।
बेंच ने एडीशनल सॉलिसीटर जनरल पीपी मल्‍होत्रा को कहा, 'सरकारी अफसर पूरी सूचना नहीं देते और न ही वकीलों को पूरी जानकारी देते हैं। और दस साल लगाइए। जनता आपको सबक सिखाएगी। तीन दिन पहले आपने इसका प्रमाण देख लिया है। अब स्थिति और खराब होगी।'

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